समास किसे कहते हैं – Samas kise kahate hain in hindi

SAMAS किसे कहते हैं? इस के भेद कितने प्रकार के होते है. उदाहरण सहित – SAMAS KISE KAHATE HAIN IN HINDI

समास किसे कहते हैं | समास के भेद कितने प्रकार के होते है | उदाहरण सहित : samas kise kahate hain in hindi

हेलो दोस्तों, समास किसे कहते हैं? SAMAS से संबंधित हर तरह की जानकारी हमने इस POST में क्रम से दी है. हमने समास के भेद भी बताए हैं. और उन सभी भेदों के UDAHARAN सहित समझ आया है.

आपको यह लेख अवश्य अच्छे से पूरा पढ़ना चाहिए, दोस्तों समास से संबंधित लोग कई तरह से INTERNET पर खोजते हैं– जैसे समास किसे कहते हैं? समास के भेद? समास किसे कहते हैं, SAMAS KE BHED बताइए उदाहरण सहित.

ऐसे अलग-अलग तरह से लिखकर लोग INTERNET पर खोज रहे हैं. उन सभी परिणामों को ध्यान में रखते हुए, हमने सिर्फ यह एक POST बनाया है. जिसमें हमने सभी तरह के QUESTION को एक साथ बताने की कोशिश की है.

तो चलिए अब हम बिना समय गवाएं हमारे समास के इस POST को प्रारंभ करते हैं.

समास किसे कहते हैं? परिभाषा In Hindi

यदि साधारण तरीके से समझे तो दो या दो से अधिक शब्दो का मिलन होता है, SAMAS और एक नया शब्द निर्माण होता है, वह समास है.

समास का शाब्दिक मतलब है>>> संक्षिप्तीकरण.

समास किसे कहें PARIBHASHA>>> दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया एवं सार्थक शब्द की रचना की  जाती हैं, इस नए शब्द को समास (SAMAS) कहते हैं.
या
कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ को प्रकट किया जा सके वही SAMAS होता है.

दोस्ती यदि आप सिर्फ SAMAS KI PARIBHASHA समास की परिभाषा को ही पड़ेंगे तो आपको ज्यादा समझ नही आयेगा ISALIYE आपसे आग्रह है. कि आप नीचे दिया गया समास की सभी भेद और उनके उदाहरण को भी पढ़े  और समझें. जिससे आपको अच्छे से समास समझ आ सके.

समास के बारे में ये बाते भेद पड़ने से पहले जानना जरूरी है

हम आपको बता दे की SAMAS के नियमों से बने हुए शब्दों को सामासिक शब्द (SAMASIK SHABD) कहते हैं. ओर हां सामासिक शब्द को ही समस्तपद भी कहते हैं. समास होने के बाद विभक्तियों के CHINH लुप्त हो जाते हैं.

समास के उदाहरण (SAMAS KE UDAHARAN)
वैसे तो हम सभी समास के भेद (SAMAS KE BHED) में सभी अलग अलग समास के उदाहरण अलग अलग बताएंगे, फिर भी आपको कुछ उदाहरण नीचे बता देते है. जैसे:
चरणकमल  — कमल के सामान चरण
रसोईघर  — रसोई के लिए घर
दुरात्मा — बुरी है  जो आत्मा
घुड़सवार — घोड़े पर सवारपूर्वपद और उत्तरपदइसके बारे में UDAHARAN नीचे है समास में दो पद या शब्द होते हैं. पहले पद को पूर्वपद (PURVPAD) और दूसरे पद को उत्तरपद (UTTARPAD)कहते हैं.
उदाहरण
राजा-रंक . राजा+रंक, इसमें राजा  पूर्व पद है,और रंक उत्तर पद है.
संस्कृत में समासों का बहुत अधिक PRAYOG किया जाता है. अन्य भारतीय भाषाओं में भी समास उपयोग है.
समास के भेद कितने प्रकार के होते है – Types Of Samas In Hindi

हमने सभी प्रकार के भेद को नीचे बताया है कि SAMAS के छः भेद या प्रकार होते है!

1. तत्पुरुष समास,
2. कर्मधारय समास,
3. द्विगु समास,
4. द्वंद्व समास,
5. बहुव्रीहि समास,
6. अव्ययीभाव समास,

समास के भेद कितने प्रकार के होते है - Types Of Samas In Hindi

आपने सभी SAMAS के भेद के नाम देखे. लेकिन हम लेख में नीचे सभी भेद को विस्तार से उदाहरण सहित नीचे समझा रहे हैं.

आयिए अब हम सभी प्रकार के SAMAS के भेदों को चर्चा विस्तृत वर्णन के साथ देखते हैं!

हम आपको पहले की बता दे की हमने जो इस लेख में समास के भेद दिए है उसमे हमने सभी भेदों को विस्तार से नही समझाया है. यदि आप सभी को विस्तार पूर्वक पड़ना चाहते है तो सभी भेद (BHED) के नीचे हमने उनके अलग ही  दिया है आप वह से उन्हें अवश्य पढ़े.

समास के सभी भेद उदहारण सहित

1] तत्पुरुष समास (TATPURUSH SAMAS)
तत्पुरुष समास के बारे में आपको बता दे की “तत्पुरुष समास में उत्तरपद प्रधान होता है एवं पूर्वपद गौण होता है.” उसको तत्पुरुष समास कहेंगे.
या जिस समास का उत्तरपद प्रधान हो और पूर्वपद गौण हो, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं.
जैसे
राजकुमार — राजा का कुमार
तुलसीदासकृत — तुलसीदास द्वारा कृत
धर्मग्रन्थ — धर्म का ग्रन्थ
(तत्पुरुष समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां  करें – तत्पुरुष समास – भेद, ज्यादा उदाहरण…)हम आपको बता दें कि तत्पुरुष समास के भी अलग अलग भेद है जिन्हे भी हम नीचे बता रहे हैतत्पुरुष समास के प्रकार भी होते हैं.
कर्म तत्पुरुष
करण तत्पुरुष —
सम्प्रदान तत्पुरुष —
सम्बन्ध तत्पुरुष —
अपादान तत्पुरुष —
अधिकरण तत्पुरुष —
2] कर्मधारय समास (KARMDHARAY SAMAS)
वह समास जिसका पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य होता है, अथवा एक पद उपमान एवं दूसरा उपमेय का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहेंगे!
कर्मधारय समास (KARMADHARAY SAMAS) का विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच में ‘है जो’ या ‘के सामान’ आते हैं. जैसे:
महादेव — महान है जो देव
दुरात्मा — बुरी है  जो आत्मा
नीलकमल — नीला कमल
(कर्मधारय समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां  करें – कर्मधारय समास – भेद, ज्यादा उदाहरण…)
2] कर्मधारय समास (KARMDHARAY SAMAS)
वह समास जिसका पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य होता है, अथवा एक पद उपमान एवं दूसरा उपमेय का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहेंगे!
कर्मधारय समास (KARMADHARAY SAMAS) का विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच में ‘है जो’ या ‘के सामान’ आते हैं. जैसे:
महादेव — महान है जो देव
दुरात्मा — बुरी है  जो आत्मा
नीलकमल — नीला कमल
(कर्मधारय समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां  करें – कर्मधारय समास – भेद, ज्यादा उदाहरण…)
3] द्विगु समास (DWIGU SAMAS)
वह समास जिसका पूर्व पद संख्यावाचक (संख्या) विशेषण होता है तथा समस्तपद समाहार या समूह का बोध कराए, उसे द्विगु समास (DWIGU SAMAS) कहते हैं. जैसे-
दोपहर — दो पहरों का समाहार
शताब्दी — सौ सालों का समूह
चौमासा — चार मासों का समूह
(द्विगु समास के बारे में विस्तार से जानने के  करें – द्विगु समास – भेद, ज्यादा उदाहरण…)
4] द्वंद्व समास (DWANDV SAMAS)
जिस समस्त पद में दोनों पद प्रधान हों एवं दोनों पदों को मिलाते समय ‘और’, ‘अथवा’, या ‘एवं ‘ आदि योजक लुप्त हो जाएँ, उस द्वंद्व समास कहेंगे! जैसे
अन्न-जल — अन्न और जल
अपना-पराया — अपना और पराया
राजा-रंक – राजा और रंक
(द्वंद्व समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए – द्वंद्व समास – भेद, ज्यादा उदाहरण…)
5] बहुव्रीहि समास (BAHUVRIHI SAMAS)
जिस समास के समस्तपदों में से कोई भी पद प्रधान नहीं हो एवं दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद की और संकेत करते हैं. उसे बहुव्रीहि समास कहेंगे! जैसे-
गजानन — गज से आनन वाला
त्रिलोचन — तीन आँखों वाला
दशानन — दस हैं आनन जिसके
(बहुव्रीहि इस समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां  करें – बहुव्रीहि समास – भेद, ज्यादा उदाहरण…)
6] अव्ययीभाव समास (AVYAYIBHAV SAMAS)
वह समास जिसका पहला पद अव्यय हो एवं उसके संयोग से समस्तपद भी अव्यय बन जाए, उसे अव्ययीभाव समास कहेंगे! अव्ययीभाव समास में पूर्वपद प्रधान होता है.
अव्यय — जिन शब्दों पर लिंग, कारक, काल आदि शब्दों से भी कोई प्रभाव न हो जो अपरिवर्तित रहें वे शब्द अव्यय कहलाते हैं.
अव्ययीभाव समास के पहले पद में अनु, आ, प्रति, यथा, भर, हर जैसे शब्द आते हैं.
आजन्म — जन्म से लेकर
यथामति — मति के अनुसार
प्रतिदिन — दिन-दिन
(अव्ययीभाव इस समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां  करें – अव्ययीभाव समास – भेद, ज्यादा उदाहरण…)

हमारे ब्लॉग पर इससे संबंधित अन्य लेख भी पोस्ट किए जा चुके है उन्हें भी पड़े.

 

आपको इसके भेद कितने प्रकार के होते हैं परिभाषा सहित बताया आप मैने कमेंट करके अवश्य बताए कि कैसा लगा लेख एवं हमें सोशल मीडिया पर जैसे फेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम एवं व्हाट्सएप पर फॉलो करें!

Leave a Comment