BEST 2021 में – वाक्य किसे कहते हैं Vakya kise kahate hain . उदाहरण सहित लिखिए

 

वाक्य किसे कहते हैं? परिभाषा – Vakya kise kahate hain in hindi

वाक्य किसे कहते हैं Vakya kise kahate hain परिभाषा>> दो अथवा दो से अधिक शब्दों के किसी समूह को, वाक्य कहते हैं. अन्य शब्दों में “दो या दो से अधिक शब्दों के सार्थक समूह” को, VAKYA कहते हैं.
जैसे कि
अधर्म की पराजय होती है.
यह एक वाक्य है, क्योंकि इसका पूरा-पूरा अर्थ निकलता है किन्तु अधर्म पराजय होती. वाक्य नहीं है क्योंकि इसका अर्थ नहीं निकलता है. तथा VAKYA होने के लिए इसका कोई अर्थ निकलना चाहिए.
वाक्य किसे कहते हैं | Vakya kise kahate hain वाक्य के भेद व प्रकार कितने होते हैं | वाक्य की परिभाषा | in हिंदी

अन्य उदाहरण:
• माता पिता भगवान का स्वरूप हैं.
• विद्या कल मंदिर जायेेेगा.
• मैं आज दुकान गया था. Sentence In Hindi

तो अब आपको यह पता चल गया होगा कि वाक्य किसे कहते हैं ओर इसकी परिभाषा भी जान ली होगी. अब आपको इसके भेद को नीचे बता रहे हैं.

वाक्य के भेद / प्रकार – Sentence Type In Hindi

इसके भेद BHED दो प्रकार से होते है जो कि नीचे बताए गया हैं.

वाक्य किसे कहते हैं | वाक्य के भेद व प्रकार कितने होते हैं | वाक्य की परिभाषा | in हिंदी

 

  • 1. अर्थ के आधार
  • 2. रचना के आधार
वाक्य के दोनों प्रकार के भेदों को विस्तार से जानते हैं;

अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद

अर्थ के आधार पर आठ प्रकार के वाक्य होते है जिन्हे नीचे क्रम से बात रहे है और इन्हें विस्तार से भी बताया गया है.

  •  विधान वाचक ,
  •  इच्छावाचक,
  •  संकेतवाचक,
  •  प्रश्नवाचक
  •  निषेधवाचक,
  •  आज्ञावाचक,
  •  विस्म्यादिवाचक,
  •  संदेहवाचक.

1] विधानवाचक वाक्य ( vidhan vachak Vakya kise kahate hain

वे जिनसे किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त होती है. उन वाक्यों को विधानवाचक वाक्य (VIDHANVACHAK VAKYA) कहते है.

उदाहरण :-
मध्यप्रदेश एक राज्य है.
राम के पत्नी का नाम सीता था.
रावण लंका के राजा थे.
भारत का संविधान विशाल हैं.
नर्मदा नदी है.

2] इच्छावाचक वाक्य 

वे जिनमें किसी इच्छा, आकांक्षा अथवा आशीर्वाद का बोध होता है. ऐसे वाक्य इच्छावाचक वाक्य (IKSHUAVACHAK VAKYA) कहलाते हैं.

जैसे कि:
ईश्वर तुम्हे अच्छा रखे.
नया साल मंगलमय हो.
भगवान आपकी मदद करें.
आपका दिन शुभ हो.

3] संकेतवाचक वाक्य 

वे जिनमें किसी संकेत का बोध होता है. इसे वाक्य संकेतवाचक वाक्य (SANKETVACHAK) कहलाते हैं.

जैसे कि:-
राहुल का दुकान वहां है.
रानी उधर रहती है.
रामू का घर इधर है.

4] प्रश्नवाचक वाक्य 

वे जिसके द्वारा किसी प्रकार प्रश्न किया जाता है. उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य (PRASHNVACHAK VAKYA)  कहते है.

जैसे कि:-
मध्यप्रदेश क्या है?
भारत क्या है?
प्रधानमंत्री कौन हैं?
राम के पत्नी कौन थी?
रावण कहाँ के राजा थे?

5] निषेधवाचक वाक्य 

वे जिनसे कार्य न होने का भाव प्रकट होता है. ऐसे वाक्य निषेधवाचक वाक्य (NISHEDHVACHAK VAKYA) कहलाते हैं.

उदाहरण :-
मैंने पानी नहीं पिया.
मैं आज नहीं गया.
बाजार मत जाओ.

6] आज्ञावाचक वाक्य 

वे जिसके द्वारा किसी प्रकार की आज्ञा दी जाती है अथवा कोई प्रार्थना किया जाता है. उन्हें विधिसूचक वाक्य (VIDHISUCHAK VAKYA) कहते हैं.

जैसे कि:-
कृपया बैठ जाइये.
शांत रहो.
बैठो.
जाओ.
कृपया शांति बनाये रखें.

7] विस्मयादिबोधक वाक्य 

वे जिससे किसी प्रकार की गहरी अनुभूति का प्रदर्शन किया जाता है. उन्हें विस्मयादिबोधक वाक्य (VISHMAYADIBIDHAK VAKYA) कहते हैं.

जैसे कि:-
अहा! कितना सुन्दर दृश्य है.
ओह! कितनी अच्छी बुक है.
बल्ले! हम जीत गये.

8] संदेहवाचक वाक्य 

वे जिनमें संदेह का बोध होता है. इसे वाक्य संदेहवाचक वाक्य (SANDEHVACHAK VAKYA) कहलाते हैं.

जैसे कि:-
क्या वह राहुल आ गया?
क्या मीरा ने काम कर लिया?
क्या तुम यह कर सकते हो?
क्या आज वो आयेगी?


रचना के आधार पर वाक्य के भेद

रचना के आधार पर वाक्य के निम्नलिखित तीन प्रकार के भेद होते हैं-

  • सरल,
  • संयुक्त,
  • मिश्रित/मिश्र वाक्य

1] सरल वाक्य 

वे जिनमें एक ही विधेय होता है. इसे वाक्य सरल वाक्य अथवा साधारण वाक्य (SADHARAN VAKYA) कहते हैं. इसे वाक्यों में एक ही प्रकार की क्रिया होती है.

उदाहरण :-
राहुल पढ़ता है.
जीवन ने पानी पिया.
राम घर गया.
रावण मारा गया.

2] संयुक्त वाक्य

वे जिनमें दो या दो से अधिक सरल वाक्य समुच्चयबोधक अव्ययों से जुड़े होते हैं. ऐसे वाक्य संयुक्त वाक्य (SAYUKT VAKYA) कहलाते है.

उदाहरण:-
राहुल सुबह गया और दोपहर को लौट आया.
धर्म का साथ दो अधर्म का नहीं.
संयुक्त वाक्य के भी चार प्रकार  हैं
1. संयोजक संयुक्त
2. विभाजक संयुक्त
3. विरोधसूचक संयुक्त
4. परिमाणवाचक संयुक्त

3] मिश्रित या मिश्र वाक्य

वे जिनमें एक मुख्य अथवा प्रधान वाक्य हो और अन्य आश्रित उपवाक्य होतो है. इसे वाक्य मिश्रित वाक्य (MISHRA VAKYA) कहलाते हैं.

मिश्र वाक्य में एक मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक से अधिक समापिका क्रियाएँ होती हैं.

उदाहरण :
ज्यों ही डॉक्टर ने इलाज किया, वह स्वस्थ हो गया.
यदि महनत करोगे तो, सफल हो जाओगे.
मैं जानता हूँ कि तुमने आज पढ़ाई नहीं की है.

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